मुख्य चुनाव आयुक्त के पद से ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर आम आदमी पार्टी कच्छ में सड़कों पर उतरी

मुख्य चुनाव आयुक्त के पद से ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर आम आदमी पार्टी कच्छ में सड़कों पर उतरी

आम आदमी पार्टी द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर आज कच्छ के भुज में विरोध प्रदर्शन किया गया था। प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. कायनात अंसारी आथा के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे थे। इस कार्यक्रम में डॉ. कायनात अंसारी आथा सहित शिवजी सीजू, नूर मोहम्मद, भानुबेन बागड़ा, निशा चौहान, निर्मलाबेन हिंदाणिया, डॉ. नेहल वैद्य, मोहम्मद खलीफा, दिलीपदान गढ़वी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए थे। इस दौरान पुलिस ने डॉ. कायनात अंसारी आथा सहित AAP के कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया था। पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. कायनात अंसारी आथा ने बताया कि आज हम जो विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं वह किसी व्यक्ति का विरोध नहीं है। SIR की प्रक्रिया कितनी पारदर्शी है, मतदाता सूची कितनी पारदर्शी है, इस बात को लेकर हम विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। जिन लोगों के नाम काट दिए गए हैं, उन लोगों के लिए कोई ट्रायल या जो प्रक्रिया है, वह ऑडिटेबल नहीं है। दूसरा एक सवाल यह है कि जो P.R.O. है और उसके पास सभी अधिकार हैं तो फिर आपके पास जो सेंट्रलाइज्ड सॉफ्टवेयर है, उसकी भूमिका क्या है? अगर इस सॉफ्टवेयर की भूमिका अधिकारी से भी ऊपर है तो फिर इस प्रक्रिया के लिए जिम्मेदार कौन है?

इसके अलावा आम आदमी पार्टी के नेता डॉ. कायनात अंसारी आथा ने बताया कि, निष्पक्ष मतदान का आधार एक पारदर्शी मतदाता सूची पर होता है। अगर वह हो तो हम मान सकते हैं कि मतदान अच्छी तरह पारदर्शी तरीके से हुआ है। लेकिन चुनाव फिलहाल एक नाटक बन गया है क्योंकि अगर भाजपा को ही जिताना है तो चुनाव का नाटक करने की जरूरत नहीं है। चुनाव आयोग जैसी संस्थाएं अगर सत्तारूढ़ पक्ष के साथ साजिश में शामिल हों तो यह लोकतंत्र के लिए दुख की बात है और खतरे की बात है। प्रत्येक व्यक्ति का मतदान का अधिकार सुरक्षित रहना चाहिए। जो प्रक्रिया है वह पूरी तरह ऑनलाइन होनी चाहिए, ऑडिटेबल होनी चाहिए, उन लोगों का ट्रायल हुआ है या नहीं हुआ है, इसकी जानकारी होनी चाहिए क्योंकि किसी मतदाता का अधिकार न छीना जाए, इतनी हमारी मांग है। संविधान में दिए गए हमारे अधिकार के अनुसार हम शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन पुलिस हमें रोकने के लिए सक्रिय हो जाती है लेकिन शराब के अड्डों को रोकने के लिए पुलिस सक्रिय नहीं होती।