चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी पहुंची "माका ट्रॉफी", सीयू कैंपस में रिकॉर्ड खेल उपलब्धि का जश्न

चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी पहुंची "माका ट्रॉफी", सीयू कैंपस में रिकॉर्ड खेल उपलब्धि का जश्न

प्रतिष्ठित मौलाना अबुल कलाम आज़ाद (माका) ट्रॉफी के चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी (सीयू) कैंपस में पहुंचते ही जश्न का माहौल बन गया है। बता दें की छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने सीयू के एथलीटों का जोरदार स्वागत किया। इन एथलीटों ने खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स 2024 के दौरान 32 स्वर्ण, 18 रजत और 21 कांस्य पदक सहित 71 पदक जीतकर चंडीगढ़ को पहली निजी यूनिवर्सिटी और प्रतिष्ठित माका ट्रॉफी जीतने वाली सबसे युवा यूनिवर्सिटी बना दिया है।

शुक्रवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक भव्य समारोह में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के वरिष्ठ प्रबंध निदेशक दीप इंदर सिंह संधू और प्रो वाइस चांसलर डॉ. देविंदर सिंह ने राष्ट्रीय खेल पुरस्कार, 2024 की प्रस्तुति के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से प्रतिष्ठित माका ट्रॉफी प्राप्त की। इसके अलावा, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के बीए के छात्र और अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी संजय को इस अवसर पर अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

यूनिवर्सिटी कैंपस में खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, यूनिवर्सिटी के खेल विभाग और यूनिवर्सिटी के अन्य अधिकारियों ने वरिष्ठ प्रबंध निदेशक दीप इंदर सिंह संधू से माका ट्रॉफी का गर्मजोशी से स्वागत किया, जिन्होंने प्रतिष्ठित ट्रॉफी को नई दिल्ली से सीयू  कैंपस में लाया।इस दौरान खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स 2024 के आठ मेडल विजेताओं सहित 28 प्रतिष्ठित खिलाड़ियों ने भाग लिया।

इनमें शॉर्टपुट में गोल्ड मेडल विजेता सावन, रोइंग में गोल्ड मेडल विजेता हरविंदर सिंह चीमा, शॉर्टपुट में सिल्वरमेडल विजेता वरिंदरपाल सिंह, टेबल टेनिस में सिल्वरमेडल काश्वी गुप्ता, रोइंग में ब्रान्ज मेडल विजेता ईशा मौर्य, हॉकी में ब्रान्ज मेडल विजेता इंद्रपाल सिंह और हॉकी में ब्रान्ज मेडल विजेता रमनप्रीत सिंह शामिल थे।

दरअसल 17 जनवरी को राष्ट्रपति भवन में आयोजित राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2024 के समारोह में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मू ने चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के दीप इंदर सिंह संधू, वरिष्ठ प्रबंध निदेशक और डॉ देविंदर सिंह, प्रो वाइस चांसलर को प्रतिष्ठित माका ट्रॉफी (मौलाना अबुल कलाम आज़ाद ट्रॉफी) प्रादान की थी। माका ट्रॉफी के स्थापना काल वर्ष 1956-57 के बाद से इतिहास में यह पहला अवसर है जब किसी प्राइवेट यूनीवर्सिटी ने प्रतिष्ठित माका ट्रॉफी (मौलाना अबुल कलाम आज़ाद ट्रॉफी) हासिल की है। 

दरअसल खेलो भारत यूनिवर्सिटी गेम्स 2024 में उत्कृष्ट प्रदर्शन के कारण चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी को माका ट्रॉफी से सम्मानित किया गया है। खेलो भारत में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने कुल 71 पदक जीते थे। जिनमें 32 गोल्ड मेडल, 18 सिल्वर मेडल और 21 ब्रान्जमेडल शामिल हैं।

इस ऐतिहासिक क्षण पर खुशी व्यक्त करते हुए चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के चांसलर और राज्यसभा सांसद श्री सतनाम सिंह संधू ने बधाई देते हुए कहा की प्रतिष्ठित माकाट्रॉफी जीतने वाला पहला और सबसे युवा यूनिवर्सिटी बनना सम्मान की बात है। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी भारत के लिए अगली पीढ़ी के एथलीट्स को प्रशिक्षित करने और तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो कि प्रधानमंत्री मोदी के खेलों को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को मिशन मोड पर समर्थन देने के विजन के अनुरूप है, जिसमें उनकी अनूठी योजनाएं और कार्यक्रम जैसे कि ‘टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम’ (TOPS) शामिल हैं। 

भारत खेल के क्षेत्र में दुनिया के शीर्ष 10 प्रदर्शन करने वाले देशों में से एक बनने के लिए तैयार है, क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार ने विश्व स्तरीय खेल इकोसिस्टम विकसित करने को प्राथमिकता दी है। पिछले 10 वर्षों में केंद्र सरकार द्वारा किए गए सुधार और एथलीट्स को प्रदान किए गए सहायता कार्यक्रम जैसे टोक्यो ओलंपिक, एशियाई खेलों और पैरालिंपिक जैसे अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में देश द्वारा दर्ज की गई सफलताओं का मुख्य कारण हैं।”उन्होंनेकहा, "खेलो इंडिया गेम्स 2018 में शुरू होने के बाद से भारत के अगले ओलंपिक पदक विजेताओं के लिए बेहतर विकल्प बन गया है। खेलो इंडिया ने जमीनी स्तर पर एक खेल क्रांति को जन्म दिया है साथ हीभागीदारी को प्रोत्साहित किया है और भारत के युवाओं के बीच खेल और फिटनेस की संस्कृति को बढ़ावा दिया है।"

"चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के खिलाड़ियों ने हमेशा देश का नेतृत्व किया है। 19वें एशियाई खेलों में 653 प्रतिभागियों में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी का सबसे ज्यादा प्रतिनिधित्व था।" भारतीय टीम में 22 खिलाड़ियों ने एशियाई खेलों में भारत के लिए 8 गोल्ड और 2 ब्रान्जमेडल जीतकर सराहनीय योगदान दिया था। मुझे पूरा भरोसा है कि भविष्य में हमारे खिलाड़ी न केवल