आज शाम पटना में होगा सुशील कुमार मोदी का अंतिम संस्कार, राजकीय सम्मान के साथ दी जाएगी अंतिम विदाई
बीजेपी के कद्दावर नेता, बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी का निधन हो गया है। आज शाम पटना में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पटना पहुंचेंगे। उनके निधन की ख़बर से हर कोई स्तब्ध है। जैसे ही बिहार के डिप्टी सीएम स्रमाट चौधरी ने अपनी एक्स पोस्ट के जरिए ये दुखद ख़बर दी हर कोई हैरान रह गया। आपको बता दें कि सुशील कुमार मोदी कैंसर से पीड़ित थे। बीते कुछ दिनों से उनका दिल्ली एम्स में इलाज चल रहा था। इसी वजह से वो चुनाव प्रचार अभियान से भी नहीं जुड़े थे।

सुशील मोदी ने खुद कैंसर होने की जानकारी एक्स पोस्ट के जरिए 3 अप्रैल को दी थी। अब उनके निधन की जानकारी बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी एक्स पोस्ट के जरिए दी और साथ ही इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा था ‘बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री और पूर्व राज्यसभा सांसद श्री सुशील कुमार मोदी जी के निधन पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि। यह बिहार बीजेपी के लिए अपूर्णीय क्षति है।‘
सुशील मोदी ने पटना साइंस कॉलेज से बॉटनी विषय में ग्रेजुएशन किया था। सुशील कुमार मोदी पहली बार 1990 में विधायक चुने गए थे। इसके बाद 1995 और 2000 में वो विधायक चुने गए। सुशील मोदी लगातार तीन बार विधायक रहे।
सुशील मोदी अपने तीन दशक लंबे राजनीतिक करियर में विधायक, एमएलसी, लोकसभा सांसद और राज्यसभा सांसद रहे। वे बिहार सरकार में वित्त मंत्री भी रहे। दो बार बिहार के डिप्टी सीएम रहे। सुशील मोदी पहली बार 2005 से 2013 तक और दूसरी बार 2017 से 2020 तक डिप्टी सीएम का पद संभाला। सुशील मोदी का जन्म 5 जनवरी 1952 को बिहार की राजधानी पटना में हुआ था। उनके पिता मोदी लाल मोदी और माता का नाम रत्ना देवी थआ। उनकी पत्नी जेस्सी सुशील मोदी ईसाई धर्म से हैं और प्रोफेसर हैं। उनके दो बेटे हैं।

सुशील मोदी छात्र राजनीति से मुख्य धारा की राजनीति में आए थे। पटना विश्वविद्यालय में उन्होंने छात्र राजनीति की। सन् 1973 में वो छात्र संघ के महासचिव चुने गए थे। इसके बाद 1990 में वो पहली बार पटना सेंट्रल विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए। 1995 में वो दोबारा विधायक बने। इस बार उन्हें बीजेपी का चीफ व्हिप भी बना दिया गया। सन् 2000 में सुशील मोदी लगातार तीसरी बार विधायक बने। सुशील मोदी 1996 से 2004 तक बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता भी रहे ।
सुशील मोदी के निधन पर पीएम मोदी ने भी गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने एक्स पोस्ट में लिखा, पार्टी में अपने मूल्यवान सहयोगी और दशकों से मेरे मित्र रहे सुशील मोदी जी के असामयिक निधन से अत्यंत दुख हुआ है। बिहार में बीजेपी के उत्थान और उसकी सफलताओं के पीछे उनका अमूल्य योगदान रहा है। आपातकाल का पुरजोर विरोध करते हुए, उन्होंने छात्र राजनीति से अपनी एक अलग पहचान बनाई थी। वे बेहद मेहनती और मिलनसार विधायक के रूप में जाने जाते थे. राजनीति से जुड़े विषयों को लेकर उनकी समझ बहुत गहरी थी। उन्होंने एक प्रशासक के तौर पर भी काफी सराहनीय कार्य किए। जीएसटी पारित होने में उनकी सक्रिय भूमिका सदैव स्मरणीय रहेगी। शोक की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और समर्थकों के साथ हैं। ओम शांति!