''शिक्षा सशक्तिकरण का एक शक्तिशाली माध्यम है, क्योंकि यह व्यक्तियों को आत्मनिर्भर, जागरूक और सक्षम बनने में मदद करती है:राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
आज नई दिल्ली में छात्रवृत्ति योजना के जनजातीय लाभार्थियों को संबोधित करते हुए, राष्ट्रपति ने कहा कि सच्चा विकास तभी हासिल किया जा सकता है जब समाज के सभी वर्ग सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक रूप से प्रगति करें। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि सरकारी छात्रवृत्ति योजनाओं ने उच्च शिक्षा और नए अवसरों तक पहुँच सुनिश्चित करके जनजातीय लोगों के जीवन को बदल दिया है। राष्ट्रपति मुर्मू ने इस बात पर बल दिया कि भारत में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और इसे पहचानने, संवारने और इसके विकास के लिए सही मंच प्रदान करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।
राष्ट्रपति ने कहा कि केंद्र सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से जनजातीय समुदायों से संबंधित युवाओं को सशक्त बनाने और उनका उत्थान करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि छात्रवृत्ति योजनाएँ केवल वित्तीय सहायता का साधन मात्र नहीं हैं, बल्कि ये युवाओं के सपनों को पंख देने का माध्यम भी हैं। राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि छात्रवृत्तियाँ उन युवाओं के जीवन में नई संभावनाओं के द्वार खोलती हैं, जिनके पास असीम प्रतिभा तो है, लेकिन संसाधनों की कमी के कारण वे प्रगति करने से वंचित रह जाते हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि युवा राष्ट्र की शक्ति, आशा और उज्ज्वल भविष्य का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने युवाओं से, विशेष रूप से जनजातीय समुदायों से आने वाले युवाओं से आग्रह किया कि वे अपनी जड़ों और अपने लोगों को कभी न भूलें।