मोहाली का सिपाही अमृतसर में नशा तस्करी में पकड़ा गया, 14 करोड़ रुपये की हेरोइन बरामद
नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए अमृतसर पुलिस ने पंजाब पुलिस के सिपाही को दो किलो हेरोइन के साथ पकड़ा है। आरोप है कि पंजाब पुलिस का ये सिपाही नशा तस्करी से जुड़ा हुआ है। आरोपी मोहाली में सिपाही के पद पर तैनात है। आरोपी मूल रूप से अमृतसर देहाती के क्षेत्र थाना लोपोके के गांव टपियाला का निवासी है। हालांकि उसका मोहाली में रॉयल प्लाजा थाना सिटी कुराली में भी घर है।
एक तरफ तो पंजाब पुलिस नशे तस्करी के खिलाफ कार्रवाई कर रही है जो अच्छी बात है लेकिन पंजाब पुलिस के सिपाही का ही नशा तस्करी में शामिल होना अपने आप में कई तरह के सवाल खड़े करता है।
बताया जा रहा है कि आरोपी सिपाही का नाम लवप्रीत है जिसे अमृतसर शहर के थाना सी डिवीजन के एरिया से पकड़ा गया है। अब उसके बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक चेक किए जा रहे हैं और यह भी देखा जा रहा है कि उसके अन्य कौन से साथी भी इसमें उसका साथ दे रहे थे। अब क्योंकि आरोपी के घर अमृतसर में और ड्यूटी मोहाली में थी तो ऐसे में दोनों जगह उसके लिंक चेक किए जा रहे हैं। पुलिस ने फिलहाल आरोपी को रिमांड पर लेकर पुलिस आगे की पूछताछ करेगी।
आपको बता दें कि अमृतसर बॉर्डर एरिया है जिस वजह से यहां रोजाना बीएसएफ और पंजाब पुलिस का साझा सर्च ऑपरेशन चलाया जाता है, बॉर्डर पार से हो रही तस्करी के खिलाफ ऑपरेशन लगातार चलाए जाते हैं। इस चेकिंग में हर दूसरे दिन ड्रोन और हेरोइन बरामद की जाती है।
यहां आपके लिए यह जानना जरूरी है कि बीते कुछ समय से नशा ना सिर्फ पंजाब बल्कि पंजाब से सटे हरियाणा-हिमाचल के लिए भी एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है। हरियाणा-हिमाचल में भी अब नशा बड़ा मुद्दा बन चुका है। वहीं पंजाब भी नशे की बड़ी मार झेल रहा है। हर सरकार नशे पर काबू पाने के वादे तो करती है लेकिन इसमें कामयाबी हासिल नहीं हो पाती, अब पंजाब पुलिस भी नशा तस्करी पर काबू पाने के प्रयास कर रही है लेकिन परिणाम बहुत ज्यादा अच्छे नहीं हैं और वो इसलिए कि नशे की खेप तो कहीं-कहीं पकड़ी जा रही है लेकिन नशा तस्करी पर पूरी तरह से विराम ना पंजाब ना केंद्र सरकार ही लगा पा रही है। और इस मामले ने तो एक कारण भी दे दिया कि आखिर क्यों नशा तस्करी पर पूरी तरह से लगाम लगाने में सरकार कामयाब क्यों नहीं हो पा रही है क्योंकि जिन पर इस बात की जिम्मेदारी है वही इस काम में लगे हुए हैं। हालांकि उस आरोपी सिपाही को पकड़ने वाली भी पुलिस ही है।
ऐसे में जरूरत इस बात की है कि नशा तस्करी के खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठाए जाएं और ताकि इस पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सके और अपनी आने वाली पीढ़ी को नशे के गर्त में जाने से बचाया जा सके।