कर्मचारियों को अचानक नौकरी से निकालना बड़ी AIRLINE को पड़ेगा भारी, अदालत ने लगाया बड़ा जुर्माना

कर्मचारियों को अचानक नौकरी से निकालना बड़ी AIRLINE को पड़ेगा भारी, अदालत ने लगाया बड़ा जुर्माना

कोरोना महामारी के दौरान लाखों लोगों की नौकरियाँ चली गईं, लेकिन अब एक बड़ी एयरलाइन को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ी है। ऑस्ट्रेलिया की मशहूर एयरलाइन क्वांटास को कोविड-19 के दौरान 1800 ग्राउंड स्टाफ की अवैध छंटनी के मामले में हर्जाना भरने को कहा गया है।

आपको बता दें कि ऑस्ट्रेलियाई अदालत ने 90 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (500 करोड़ रुपये से ज़्यादा) का जुर्माना लगाया है। यह फैसला उन सभी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी लेकर आया है जिन्हें कंपनी ने एक झटके में नौकरी से निकाल दिया था।

अदालत का यह फैसला उन लोगों के लिए भी एक संदेश है जिन्होंने महामारी के दौरान बिना किसी गलती के अपनी नौकरियाँ गँवाईं। इससे कोविड के दौरान नौकरी गँवाने वालों को बड़ी उम्मीद मिली है और अब वे मुआवज़े की मांग भी कर सकते हैं।

कानून तोड़ने वालों को कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए

फेडरल कोर्ट के जज माइकल ली ने अपने फैसले में कहा कि यह जुर्माना सिर्फ़ सज़ा ही नहीं, बल्कि सही फ़ैसला भी है, ताकि भविष्य में कोई भी कंपनी इस तरह से श्रम कानूनों का उल्लंघन करने की हिम्मत न करे।

इस फैसले को यूनियनों और क्वांटास के बीच वर्षों से चली आ रही कानूनी लड़ाई के अंत के रूप में भी देखा जा रहा है। अगस्त 2020 में, जब देश में लॉकडाउन लगा हुआ था, क्वांटास ने अपने 1,800 ग्राउंड स्टाफ की छंटनी करने और उनका काम आउटसोर्स करने का फैसला किया था। हालाँकि कंपनी ने इसे व्यावसायिक अनिवार्यता बताया था, लेकिन अदालत ने इसे गैरकानूनी घोषित कर दिया और एयरलाइन की अपील भी खारिज कर दी।

QANTAS अपनी छवि सुधारने की कोशिश कर रहा है

104 साल पुरानी QANTAS एयरलाइन दुनिया भर में अपनी बेहतरीन हवाई यात्रा के लिए जानी जाती है। इसे लंबे समय से "ऑस्ट्रेलिया की आत्मा" कहा जाता रहा है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में, अवैध छंटनी, टिकटों की बढ़ती कीमतें, खराब सेवा और पहले रद्द की गई उड़ानों में सीटें बेचने जैसे आरोपों ने कंपनी की प्रतिष्ठा को गहरा धक्का पहुँचाया है।

2023 में, वैनेसा हडसन, एलन जॉयस की जगह QANTAS की सीईओ बनीं। उन्होंने ग्राहकों की संतुष्टि को प्राथमिकता देने की कोशिश की, लेकिन कंपनी की पुरानी नीतियों की आलोचना जारी है।

यूनियनों और कर्मचारियों को राहत
अदालत ने इस मामले में अपना फैसला सुनाते हुए जुर्माने की राशि को दो हिस्सों में बांटने का आदेश दिया है। इसमें से 50 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर ट्रांसपोर्ट वर्कर्स यूनियन को दिए जाएँगे। वहीं, 40 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पूर्व कर्मचारियों को भविष्य में दिए जाने वाले भुगतान के लिए आरक्षित रहेंगे।