1 नवंबर से बदलेंगे बैंकिंग और पेंशन के नियम, जानें क्या होगा असर

1 नवंबर से बदलेंगे बैंकिंग और पेंशन के नियम, जानें क्या होगा असर

1 नवंबर 2025 से बैंकिंग और पेंशन से जुड़े कई अहम नियम बदलने जा रहे हैं, जिनका सीधा असर बैंक ग्राहकों, सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों पर पड़ेगा। इन बदलावों में मल्टीपल नॉमिनेशन, बैंक लॉकर एक्सेस, कार्ड फीस और पेंशन प्रक्रिया से जुड़े प्रावधान शामिल हैं।

सरकार ने केंद्र और राज्य के सभी पेंशनधारकों को निर्देश दिया है कि वे 1 से 30 नवंबर 2025 के बीच जीवन प्रमाण पत्र (Life Certificate) जमा करें, ताकि पेंशन वितरण में किसी तरह की बाधा न आए। वहीं 80 वर्ष से अधिक आयु वाले पेंशनर्स के लिए यह प्रक्रिया 1 अक्टूबर से ही शुरू हो चुकी है। सरकार ने बैंकों को यह भी आदेश दिया है कि वे बीमार या असमर्थ पेंशनर्स के घर या अस्पताल जाकर उनका जीवन प्रमाण पत्र तैयार करने में मदद करें। इसके अलावा, अब एक बैंक खाते में अधिकतम चार नॉमिनी रखे जा सकेंगे। खाता धारक यह भी तय कर सकेंगे कि इन चारों में से किसे कितना हिस्सा मिले — जैसे, 25-25 प्रतिशत। पहले केवल एक या दो नॉमिनी रखने की अनुमति थी।

बैंक लॉकर सुविधा में भी बड़ा बदलाव किया गया है। अब ग्राहक क्रमिक नामांकन (Sequential Nomination) के तहत तय कर सकेंगे कि लॉकर का एक्सेस पहले किसके पास होगा और उसके बाद क्रमशः किसे मिलेगा। सरकार का कहना है कि इससे लॉकर विवाद और क्लेम की प्रक्रिया में होने वाली देरी को कम किया जा सकेगा। वहीं, केंद्र सरकार ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) से यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) में स्विच करने की अंतिम तिथि 30 नवंबर 2025 तक बढ़ा दी है। इससे सरकारी कर्मचारियों को नई योजना चुनने के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है।