देवेंद्र बबली लोकसभा चुनावों में कांग्रेस को देंगे समर्थन, हाथ से किया ऐसा इशारा
हरियाणा में लोकसभा चुनावों की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है वैसे-वैसे ही राजनीति तेज भी हो रही है और राजनीति के नए-नए दांव पेंच भी देखने को मिल रहे हैं। अब बीजेपी-जेजेपी सरकार में मंत्री रहे देवेंद्र बबली ने ऐसा निर्णय लिया है जिससे थोड़ी हैरत जरूर होगी। दरअसल देवेंद्र बबली ने लोकसभा चुनावों में कांग्रेस का समर्थन करने का ऐलान किया है। देवेंद्र बबली ने कार्यकर्ताओं से रायशुमारी कर ये फैसला किया है। दरअसल जबसे बीजेपी-जेजेपी सरकार की जगह नायब सरकार आई उसके बाद से ही ये बात चल रही थी कि देवेंद्र बबली किसके साथ हैं। वो किसे समर्थन देंगे। इस पर देवेंद्र बबली ने कहा कि मैं अपने लोगों से पहले रायशुमारी लूंगा फिर जो वो कहें वैसा ही करेंगे। इसी के लिए उन्होंने मुंबई की एक एजेंसी से सर्वे भी करवाया। जिसमें 17 फीसदी ने कांग्रेस, 9 फीसदी ने बीजेपी में जाने और कुछ एक ने जेजेपी में बने रहने के लिए कहा। वहीं 74 फीसदी ने कहा कि जहां बबली वहां हम होंगे। इस पर बबली ने कहा था कि रविवार को वो इस बात की घोषणा करेंगे कि किसे समर्थन देना है उन्होंने ये भी कहा था कि अगर खुलकर चलना पड़ा तो पहले वो इस्तीफा देंगे।

अब फतेहाबाद में संवाद सम्मेलन के दौरान देवेंद्र बबली ने हाथ से इशारा करते हुए कार्यकर्ताओं को ये बता दिया कि किसका साथ देना है। किसे समर्थन करना है। उन्होंने कहा कि रायशुमारी के दौरान कार्यकर्ताओं ने आगामी फैसला लेने का मुझे अधिकार दिया था लेकिन मैंने प्रमुख साथियों की कमेटी को ये फैसला लेने का अधिकार दिया है। जैसे ही देवेंद्र बबली ने अपना इशारा किया तो कार्यकर्ताओं ने भी हाथ का साथ देने की बात को अपना समर्थन दिया।

बहरहाल आपको देवेंद्र बबली बेशक जेजेपी के विधायक हैं लेकिन बहुत पहले ही उनके दुष्यंत से उनका रिश्ता बहुत ज्यादा अच्छा नहीं रहा। और फिर पंचायत मंत्री बनने के बाद ये कहा गया कि वो दुष्यंत से ज्यादा मनोहर लाल के करीबी हैं। लेकिन अब कांग्रेस को समर्थन देने का ऐलान थोड़ा अचंभित तो करता है। लेकिन उनके करीबियों की माने तो ये कहा जा रहा है कि देवेंद्र बबली को बीजेपी में टिकट ना देने की बातें हो रही थीं। ऐसे में देवेंद्र बबली के समर्थकों का कहना है कि हम कहीं किसी से टिकट लेने नहीं जाएंगे। पार्टी वाले खुद टिकट देने के लिए आएंगे। बस इसी बात पर कांग्रेस को समर्थन देने का फैसला लिया गया। हालांकि देवेंद्र बबली खुले तौर पर शायद ही कांग्रेस के समर्थन में बोलते नजर ना आएं, क्योंकि पार्टी की मजबूरी है, लेकिन उनके कार्यकर्ता, उनके समर्थक पूरी तरह से कांग्रेस के समर्थन में प्रचार करेंगे और कांग्रेस के लिए वोट भी मांगेंगे ।