हरियाणा में इलेक्शन बूथों के लिए ECI के निर्देश, बूथ पर पोस्टर-झंडे नहीं लगा पाएंगी पार्टियां, समर्थक, पोलिंग बूथ से 200 मीटर से पहले नहीं बनेंगे चुनाव बूथ

हरियाणा में इलेक्शन बूथों के लिए ECI के निर्देश, बूथ पर पोस्टर-झंडे नहीं लगा पाएंगी पार्टियां, समर्थक, पोलिंग बूथ से 200 मीटर से पहले नहीं बनेंगे चुनाव बूथ

हरियाणा की 90 विधानसभा सीटों के लिए कल शनिवार 5 अक्टूबर के दिन मतदान होने जा रहा है। इसके लिए भारत चुनाव आयोग ने अपनी तैयारी भी पूरी कर ली है। साथ ही पोलिंग बूथों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए हैं। इन दिशा-निर्देशों में कुछ महत्वपूर्ण बातें हैं जिनमें सबसे पहले ये कि कोई भी राजनीतिक दल या उनके समर्थक इलेक्शन बूथों पर पार्टियों के झंडे या पोस्टर नहीं लगा पाएंगे। इलेक्शन बूथ को पोलिंग बूथों से 200 मीटर की दूरी पर बनाया जाएगा। हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी पंकज अग्रवाल का कहना है कि आयोग ने वोटिंग के दिन के लिए राजनीतिक दलों और चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों के समर्थकों को निर्देश दे दिए हैं।

इसके साथ ही इलेक्शन बूथ में केवल एक मेज और दो कुर्सियां रखी जा सकती हैं। साथ ही छाया के लिए 10 फीट लंबा और इतनी ही चौड़ाई का टैंट लगा सकते हैं। इसके अलावा, यहां पर कोई भी पोस्टर, झंडे, प्रतीक या कोई अन्य प्रचार सामग्री प्रदर्शित नहीं की जा सकेगी।

इसके साथ ही किसी भी प्रकार की खाद्य पदार्थ यहां पर नहीं परोसे जाएंगे। और ना ही भीड़ इकट्ठा करने की इजाजत होगी। राजनीतिक दलों को ऐसे बूथ स्थापित करने के लिए स्थानीय प्रशासन से इजाजत भी लेनी होगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने ये भी बताया कि मतदान केंद्र से 200 मीटर से अधिक दूरी पर किसी उम्मीदवार का केवल एक ही इलेक्शन बूथ बनाया जा सकेगा।

इलेक्शन कमीशनर का ये भी कहना है कि इलेक्शन बूथ बनाने के लिए हर उम्मीदवार को लिखित रूप में पहले ही रिटर्निंग ऑफिसर को उन मतदान केंद्रों के नाम और क्रम संख्या बतानी होगी, जहां उनकी ओर से ऐसे बूथ स्थापित किए जाने का प्रस्ताव है। उन्हें ऐसे बूथ स्थापित करने से पहले संबंधित स्थानीय कानूनों के तहत संबंधित सरकारी अधिकारियों या स्थानीय अधिकारियों जैसे निगमों, नगर पालिकाओं, जिला परिषदों, टाउन एरिया समितियों, पंचायत समितियों आदि से लिखित में इजाजत भी लेनी होगी। और ये लिखित अनुमति बूथ पर तैनात व्यक्तियों के पास होनी चाहिए ताकि वे मांगे जाने पर संबंधित चुनाव, पुलिस अधिकारियों के समक्ष इसे प्रस्तुत कर सकें।

इलेक्शन कमीशनर का ये भी कहना है कि ऐसे बूथ सार्वजनिक या निजी संपत्ति पर अतिक्रमण करके नहीं खोला जाएगा। ऐसे बूथों को लगाने और आयोजित गतिविधियों पर होने वाले खर्च को, जैसे कि निर्धारित है, प्रत्याशी के चुनाव खर्च खाते में जोड़ा जाएगा।

एक और महत्वपूर्ण नियम के बारे में बताते हुए इलेक्शन कमीशनर ने कहा कि इन बूथों पर तैनात व्यक्ति मतदाताओं को मतदान केंद्रों पर जाने से रोकने या उनहें अन्य उम्मीदवारों के बूथों पर जाने से रोकने या मतदाताओं को अपनी इच्छा के अनुसार अपने मताधिकार का प्रयोग करने के अधिकार में किसी भी तरह की बाधा उत्पन्न नहीं कर सकते। इसके अलावा, राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों की ओर से ऐसे बूथ पर तैनात किए जाने के लिए नामित व्यक्ति उसी मतदान केंद्र का मतदाता होगा।

उसके पास मतदाता पहचान पत्र भी होगा और जब भी कोई सेक्टर मजिस्ट्रेट, पर्यवेक्षक उससे उसकी पहचान पूछेगा तो उसे मतदाता पहचान पत्र दिखाना होगा।

इसके साथ ही राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों को ये सुनिश्चित करना होगा कि वे किसी आपराधिक बैकग्राउंड वाले किसी व्यक्ति को ऐसे मतदान केंद्रों पर तैनात ना करें।