खुशखबरी! आज महिलाओं के अकाउंट में आएंगे 10,000, उन्हें अपना बिज़नेस शुरू करने में मिलेगी मदद
महिलाओं की आर्थिक तरक्की को बढ़ावा देने के मकसद से शुरू की गई मुख्यमंत्री महिला रोज़गार योजना के तहत, शुक्रवार को जीविका से जुड़ी 55,000 महिलाओं के अकाउंट में 10,000 रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे। यह रकम उनके छोटे बिज़नेस को मज़बूत करने और अपना बिज़नेस शुरू करने के लिए एक ज़रूरी नींव का काम करेगी।
जीविका के आने से गांव और शहर दोनों इलाकों की महिलाओं की ज़िंदगी में बड़ा बदलाव आया है। पहले ज़्यादातर महिलाएं घर के कामों के बाद अपना खाली समय बिताती थीं, लेकिन अब जीविका ग्रुप से जुड़कर उन्होंने बचत, अनुशासन और मिलकर विकास करना शुरू कर दिया है।
गैर-ज़रूरी खर्चों पर कंट्रोल
ग्रुप्स के ज़रिए न सिर्फ़ गैर-ज़रूरी खर्चों पर कंट्रोल हुआ है, बल्कि महिलाओं में आत्मविश्वास, जागरूकता और आर्थिक आज़ादी की भावना भी आई है।
जीविका डिस्ट्रिक्ट प्रोजेक्ट मैनेजर आचार्य ममत ने बताया कि शुक्रवार को 55,000 लाभार्थी महिलाओं के बैंक अकाउंट में पैसे ट्रांसफर करने का प्रोसेस पूरा हो जाएगा। इस आर्थिक मदद से उन्हें अपनी पसंद के बिज़नेस शुरू करने में मदद मिलेगी, जैसे टेलरिंग, दुकान मैनेजमेंट, पशुपालन, फ़ूड प्रोसेसिंग, सब्ज़ी प्रोडक्शन, मछली पालन, रेडी-टू-ईट फ़ूड, माइक्रो-इंडस्ट्रीज़ वगैरह।
पहले भी मिली है मदद
इस स्कीम के तहत पहले भी बड़ी संख्या में महिलाओं को आर्थिक मदद मिली है। सरकारी डेटा के मुताबिक, अब तक 5,88,029 महिलाओं के अकाउंट में 10-10 हज़ार रुपये ट्रांसफर किए जा चुके हैं। कुल 588 करोड़ 2,90,000 रुपये सीधे लाभार्थियों को ट्रांसफर किए गए हैं।
इस रकम से न सिर्फ़ हज़ारों घरों की आर्थिक हालत सुधरी है, बल्कि महिलाओं को उनके परिवार और समाज में एक नई पहचान भी मिली है। इस स्कीम की सबसे खास बात यह है कि यह सिर्फ़ स्टार्ट-अप में मदद तक ही सीमित नहीं है।
₹2 लाख की एक्स्ट्रा मदद
जो महिलाएं अपना बिज़नेस अच्छे से चलाती हैं और जिनके वेंचर सफल होते हैं, उन्हें ₹2 लाख तक की एक्स्ट्रा फाइनेंशियल मदद भी मिलेगी। इस पहल का मकसद महिलाओं को छोटे एंटरप्रेन्योर से सफल बिजनेसवुमन बनाने का रास्ता देना है।
लाइवलीहुड ग्रुप की महिलाएं सरकारी और गैर-सरकारी प्रोग्राम में अहम भूमिका निभा रही हैं। हेल्थ, एजुकेशन, न्यूट्रिशन, सैनिटेशन, वैक्सीनेशन, विलेज ऑर्गनाइजेशन और कम्युनिटी डेवलपमेंट के एरिया में उनका योगदान लगातार बढ़ रहा है।
55,000 नई महिलाओं के अकाउंट में पैसा
मुख्यमंत्री महिला रोज़गार योजना ने इन ग्रुप को एंटरप्रेन्योरशिप, प्रोडक्शन और मार्केटिंग से जोड़कर एक नई दिशा दी है। 55,000 नई महिलाओं के अकाउंट में फंड ट्रांसफर करने से जिले में इकोनॉमिक एक्टिविटी और बढ़ेगी।
उम्मीद है कि बड़ी संख्या में महिलाएं इस फंडिंग का इस्तेमाल अपने रोज़गार को तेज़ करने और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ने के लिए करेंगी। राज्य सरकार की यह कोशिश महिलाओं को सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक आज़ादी देने में एक अहम मील का पत्थर साबित हो रही है।