पंजाब में धान की खरीद पर सरकार के बड़े फैसले, CM मान की अगुवाई में हुई मीटिंग, बनी रणनीति

पंजाब में धान की खरीद पर सरकार के बड़े फैसले, CM मान की अगुवाई में हुई मीटिंग, बनी रणनीति

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने धान खरीद को लेकर अपने आवास पर सोमवार के दिन अधिकारियों से बैठक की। इस बैठक में राज्य के खाद्य आपूर्ति मंत्री लाल चंद कटारूचक्क भी मौजूद रहे । इस मीटिंग में राज्य में धान खरीद को सुचारू तरीके से चलाने को लेकर चार बड़े फैसले लिए गए । इन फैसलों के बारे में खाद्य आपूर्ति मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने मिलरों को बड़ी राहत दी है।

उन्होंने बताया कि पहले जब सरप्लस धान की आरओ दी जाती थी तो 50 रुपये प्रति टन फीस ली जाती थी। लेकिन अब सरकार ने आरओ फीस 50 रुपये की जगह मात्र 10 रुपये तय कर दी है। उन्होंने बताया कि कोई आरओ लेता है और अगले दिन फसल उठा लेता है तो उसे वो 10 रुपये फीस भी नहीं देनी होगी। मंत्री कटारुचक्क ने बताया कि बीआरएल शेलरों पर कई तरह के केस लंबित हैं। ऐसे में अब इनके सिस्टर पार्टनर या गारंटर भी काम कर पाएंगे। उन्होंने बताया कि पहले ये नियम नहीं था। इस निर्णय से 200 शैलरों को फायदा होगा। इसके अलावा एक और निर्णय के बारे में उन्होंने बताया कि अब मिलर जिले की किसी भी जगह धान उठा सकते हैं। अब जिला स्तर के सर्किल बनाए गए हैं। पहले ये छोटे होते थे। उन्होंने ये भी बताया कि पहले नई मिलों को पुराना धान दिया जाता था, लेकिन अब नई मिलों को पुरानी मिलों की तरह धान दिया जाएगा।

आपको बता दें कि पंजाब की मंडियों में अब तक 24 लाख मीट्रिक टन धान पहुंच चुका है। इसमें से साढ़े 22 लाख यानी 22.50 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा जा चुका है। जबकि 4 लाख 13 हजार मीट्रिक टन धान की लिफ्टिंग हो चुकी है। इन दिनों धान खरीद का समय चल रहा है। जिसको लेकर किसानों ने धान खरीद में आ रही समस्याओं को उठाया था। बीते शनिवार को किसानों और सीएम मान के बीच मीटिंग भी हुई थी। किसानों ने सरकार को चेतावनी दी थी कि अगर 4 दिन में धान की लिफ्टिंग सही तरीके से नहीं हुई तो वो दोबारा संघर्ष की रास्ते पर आ जाएंगे।

आपके लिए ये जानना जरूरी है कि पंजाब में धान की खरीद का मुद्दा बहुत अहम है। क्योंकि पंजाब के किसानों के लिए धान प्रमुख फसलों में से एक है। ऐसे में किसानों का आरोप है कि धान की खरीद में परेशानी आ रही है। इसी मुद्दे पर भारतीय किसान एकता उगराहां ने राज्य में 25 जगह टोल प्लाजा और 25 नेताओं जिनमें आप के विधायक, मंत्री और बीजेपी के नेता शामिल थे उनके घरों का घेराव किया था।

वहीं संयुक्त किसान मोर्चा ने चंडीगढ़ में सीएम हाउस को घेरने का फैसला किया था। हालांकि सरकार ने किसानों से शनिवार को मीटिंग की थी और दो दिन का समय मांगा था। साथ ही ये दावा भी किया था कि सारी स्थिति सामान्य कर दी जाएगी। लेकिन किसानों ने सरकार को चार दिन का समय दिया था और कहा था कि अगर चार दिनों में कुछ ना हुआ तो उसके बाद वो सख्त कदम उठाएंगे। लेकिन अब सरकार ने दो दिनों के अंदर चार बड़े निर्णय लिए हैं। उम्मीद की जानी चाहिए कि इन निर्णयों से धान खरीदी में समस्या झेल रहे किसानों को जरूर राहत मिलेगी।