कंगाली की पगार पर पहुंचा पाकिस्तान, बढ़ा ऊर्जा संकट

कंगाली की पगार पर पहुंचा पाकिस्तान, बढ़ा ऊर्जा संकट

पाकिस्तान अपने रवैया के कारण काफी ज्यादा आर्थिक संकट झेल रहा है। पाकिस्तान का रुपया डॉलर के मुकाबले काफी ज्यादा कमजोर हो चुका है और वहां पर महंगाई बहुत बढ़ चुकी है। पाकिस्तान आर्थिक रूप से कमजोर तो था ही अब पाकिस्तान में ऊर्जा संकट भी काफी ज्यादा बढ़ चुका है।  जिसके कारण पाकिस्तान की शहबाज शरीफ की सरकार ने अपने यहां ऊर्जा की खपत को 40% कम करने का निर्णय लिया है। जिसके कारण अब वहां के बाजार मॉल्स और शादी के हॉल को जल्दी बंद करने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा पाकिस्तान के मंत्रियों ने लाइट को बंद करके बैठक की।

पाकिस्तान में ऊर्जा संकट के बीच बलूचिस्तान में 10-12 से घंटे की कटौती की जा रही है। वहीं पाकिस्तान के खैबर पख्तून प्लांट में 6 से 8 घंटे की बिजली कटौती की जा रही है। पाकिस्तान ने अपने यहां 1 फरवरी से ज्यादा बिजली खाने वाले बल्ब का निर्माण बंद करने की घोषणा की है। उसके अलावा पाकिस्तान में पंखे निर्माण को भी कम कर दिया जाएगा। इससे पाकिस्तान को कुछ रुपए बचाने में मदद मिलेगी।

पाकिस्तान की आर्थिक हालत इतनी ज्यादा बुरी है कि पाकिस्तान ने अपने अमेरिका स्थित एक दूतावास को बेच दिया है। एफएटीएफ के ग्रे में होने से पाकिस्तान को अनुमानित $30 बिलियन का नुकसान हुआ है।