पंजाब सरकार ने गन्ना किसानों को दिया देश का सबसे महंगा दाम
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है, जिसके तहत उन्होंने आगामी पेराई सत्र के लिए गन्ने का खरीद मूल्य बढ़ाकर ₹416 प्रति क्विंटल करने की घोषणा की है। इस घोषणा के साथ ही, पंजाब एक बार फिर देश में गन्ना किसानों को सबसे अधिक मूल्य देने वाला राज्य बन गया है, जो उनकी सरकार की किसानों के हितों की सुरक्षा के प्रति पक्की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दीनानगर में एक नई चीनी मिल और को-जनरेशन प्लांट का उद्घाटन करने के बाद मीडिया से बातचीत की। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सरकार का यह किसान-समर्थक कदम गन्ना उत्पादकों को, खासकर सीमावर्ती जिलों के किसानों को, बहुत अधिक फायदा पहुंचाएगा।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि गन्ना पानी की अधिक खपत वाली फसलों(जैसे धान)का एक उत्तम विकल्प है और इससे राज्य के फसल विविधीकरण प्रयासों को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने केंद्र सरकार से भी अपील की कि वह पानी बचाने वाली वैकल्पिक फसल के तौर पर गन्ने को मान्यता दे और उसे बढ़ावा दे। इस मौके पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने गुरदासपुर(दीनानगर)में नवनिर्मित सहकारी चीनी मिल और 28.5 मेगावॉट के को-जनरेशन पावर प्लांट को जनता को समर्पित किया। उन्होंने बताया कि यह मिल 1980 में 1,250 (टन गन्ना प्रति दिन)की क्षमता से शुरू हुई थी, जिसे बाद में 2,000 टन गन्ना प्रति दिन तक बढ़ाया गया। अब इस नई मिल की पेराई क्षमता को 5,000 टन गन्ना प्रति दिन तक विस्तारित किया गया है ताकि क्षेत्र के लगभग 80 लाख क्विंटल गन्ने की कुशल प्रोसेसिंग सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि यह नया कॉम्प्लेक्स प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाएगा, किसानों की आय बढ़ाएगा, चीनी की गुणवत्ता सुधारेगा, परिवहन का बोझ कम करेगा, और बिजली निर्यात से राजस्व का स्थायी स्रोत भी बनाएगा, जिससे हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे बताया कि इस परिसर में एक अत्याधुनिक सल्फर रहित रिफाइंड शुगर प्लांट भी लगाया गया है, जो प्रीमियम-ग्रेड चीनी का उत्पादन करेगा। इसके अलावा, 28.5 मेगावॉट का को-जनरेशन पावर प्लांट 20 मेगावॉट अतिरिक्त बिजली को निर्यात करेगा, जिससे मिल को हर पेराई सत्र में लगभग ₹20 करोड़ का वार्षिक राजस्व मिलने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि इस विस्तार से मिल को गन्ना सप्लाई करने वाले किसानों की संख्या 2,850 से बढ़कर लगभग 7,025 होने की उम्मीद है, जिससे उनकी दूर की प्राइवेट मिलों पर निर्भरता कम होगी और उनका परिवहन समय और खर्च बचेगा। किसानों के साथ-साथ आम जनता की मांगों पर प्रतिक्रिया देते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने घोषणा की कि क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज की पुरानी मांग जल्द ही पूरी होगी।
इसके अलावा, सरकार ने युवा महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा प्रदान करने के लिए तरनतारन में सरकारी कॉलेज फॉर गर्ल्स स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, और कनेक्टिविटी बेहतर बनाने के लिए जंडियाला गुरु में रेलवे लाइन पर एक नया ओवर ब्रिज बनाने का काम जारी है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार 'मुख्यमंत्री सेहत योजना' शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है, जिसके तहत नागरिकों के लिए ₹10 लाख का बीमा कवर सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने इस बात पर भी गर्व जताया कि पंजाब ने यात्रियों पर बोझ कम करने के लिए सफलतापूर्वक 17 टोल प्लाजा बंद कर दिए हैं। उन्होंने बताया कि पंजाब में 90% घरों को घरेलू बिजली मुफ्त मिल रही है। इससे पहले, मुख्यमंत्री ने 'फतेह शुगर' ब्रांड की सल्फर रहित रिफाइंड शुगर(एक किलो पैक और 5 ग्राम सैशे)भी लॉन्च की, जो बटाला सहकारी चीनी मिल में उत्पादित की जा रही है। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारुचक्क और शुगरफेड के चेयरमैन नवदीप सिंह जीदा भी मौजूद थे।