पंजाब सरकार का बड़ा कदम : कामकाजी महिलाओं के लिए 150 करोड़ से बनेंगे नए हॉस्टल

पंजाब सरकार का बड़ा कदम : कामकाजी महिलाओं के लिए 150 करोड़ से बनेंगे नए हॉस्टल

पंजाब सरकार ने प्रदेश की कामकाजी महिलाओं को बड़ी राहत देते हुए एक महत्वाकांक्षी योजना का ऐलान किया है। सरकार 150 करोड़ रुपये की लागत से पांच नए वर्किंग वुमेन हॉस्टल बनाएगी, जिनमें से तीन मोहाली में, एक अमृतसर में और एक जालंधर में स्थापित किए जाएंगे। यह कदम उन हज़ारों युवा महिलाओं के लिए वरदान साबित होगा, जो बेहतर करियर की तलाश में अपने घरों से दूर शहरों में काम करती है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस परियोजना को मंज़ूरी देते हुए कहा कि हर महिला को सुरक्षित और सस्ती रिहाइश का अधिकार है। पंजाब में महिला हॉस्टलों की दिशा में यह पहला कदम नहीं है। वर्ष 2019 में पूर्व सरकार ने लुधियाना और पटियाला में दो वर्किंग वुमेन हॉस्टल की शुरुआत की थी, जिसमें करीब 35 करोड़ रुपये का निवेश किया गया था। इन हॉस्टलों में 200 से अधिक महिलाओं को रहने की सुविधा मिली, जिससे उन्हें अपने खर्च में 40-50 प्रतिशत तक की बचत हुई। पंजाब सरकार का यह कदम उस समय आया है जब पंजाब की अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी तेज़ी से बढ़ रही है। राज्य के व्यापारिक केंद्र अमृतसर और औद्योगिक शहर जालंधर में हर साल हजारों महिलाएं रोज़गार की तलाश में आती हैं। लेकिन सुरक्षित और किफायती आवास की कमी के कारण कई प्रतिभाशाली महिलाएं अपने करियर से समझौता करने को मजबूर हो जाती है।

नए हॉस्टलों में आधुनिक सुविधाओं का खास ख्याल रखा जाएगा। इनमें 24 घंटे सुरक्षा व्यवस्था, सी.सी.टी.वी. कैमरे, वाई-फाई, जिम, लाइब्रेरी, कॉमन रूम और मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध होंगी। हर हॉस्टल में 150 से 200 महिलाओं के रहने की व्यवस्था होगी, जिससे करीब 800-1000 महिलाओं को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। समाज कल्याण विभाग की अधिकारी डॉ.सिमरनजीत कौर बताती है कि पुराने हॉस्टलों के अनुभव से सीखते हुए इस बार और बेहतर योजना बनाई गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना पंजाब की अर्थव्यवस्था को भी गति देगी। जब महिलाएं बिना किसी चिंता के काम कर पाएंगी, तो उनकी उत्पादकता बढ़ेगी और राज्य की आर्थिक विकास दर में इजाफा होगा। नए हॉस्टल इसी श्रृंखला की एक और महत्वपूर्ण कड़ी है, जो दर्शाते है कि सरकार केवल घोषणाओं में नहीं, बल्कि ज़मीनी काम में विश्वास करती है। अगले दो वर्षों में इन हॉस्टलों का निर्माण कार्य पूरा होने की उम्मीद है। इससे न केवल महिलाओं को सशक्त बनाने में मदद मिलेगी, बल्कि समाज में लैंगिक समानता की दिशा में भी एक सकारात्मक संदेश जाएगा। जब एक महिला आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होती है, तो पूरा परिवार और समाज मज़बूत होता है। पंजाब सरकार का यह निर्णय उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण और सराहनीय कदम है।