'समय आ गया है...' 2.75 लाख कर्मचारियों को मिले 8वें वेतन आयोग का लाभ? प्रधानमंत्री मोदी से किसने की मांग

'समय आ गया है...' 2.75 लाख कर्मचारियों को मिले 8वें वेतन आयोग का लाभ? प्रधानमंत्री मोदी से किसने की मांग

8वें वेतन आयोग की तैयारी शुरू होते ही यह सवाल उठने लगा है कि क्या ग्रामीण डाक सेवकों (जीडीएस) को भी इसका लाभ मिलेगा। कर्नाटक के सांसद अंबिका जी. लक्ष्मीनारायण ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर 2.75 लाख ग्रामीण डाक सेवकों को 8वें वेतन आयोग में शामिल करने की मांग की है।

सांसद ने लिखा, "ग्रामीण डाक सेवक शहरी क्षेत्रों में सरकारी कर्मचारियों की तरह ही ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यक डाक सेवाएं प्रदान करते हैं। फिर भी, उन्हें समान वेतन और लाभ नहीं मिलते हैं।"

सांसद ने पत्र में क्या लिखा?

"हर साल डाक सेवकों के लिए एक अलग समिति बनाई जाती है, जिससे उन्हें केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बराबर लाभ नहीं मिल पाते। अब समय आ गया है कि ग्रामीण डाक सेवकों (जीडीएस) को आठवें वेतन आयोग में शामिल किया जाए। इससे डाक विभाग का मनोबल और कार्यक्षमता दोनों बढ़ेगी।"

जीडीएस को अभी लाभ क्यों नहीं मिल रहा है?

वर्तमान में, केवल केंद्र सरकार के कर्मचारी ही वेतन आयोग की सिफारिशों का लाभ उठा सकते हैं। ग्रामीण डाक सेवकों को केंद्र सरकार का कर्मचारी नहीं माना जाता, इसलिए उन्हें सातवें या आठवें वेतन आयोग का सीधा लाभ नहीं मिलता।

क्या अब बदलाव संभव है?

अब सवाल यह है कि क्या सरकार जीडीएस को आठवें वेतन आयोग में शामिल करेगी? इस पर अभी तक कोई आधिकारिक फैसला नहीं हुआ है, लेकिन सांसद की यह मांग ग्रामीण डाक नेटवर्क के लिए एक बड़ा मुद्दा बन सकती है। अगर यह मांग मान ली जाती है, तो इसका सीधा फायदा देश भर के 2.75 लाख ग्रामीण डाक कर्मचारियों को होगा।