प्रधानमंत्री मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में युवाओं को एक दिन वैज्ञानिक के रूप में बिताने का किया आह्वान
अपने मासिक कार्यक्रम 'मन की बात' में प्रधानमंत्री मोदी ने सबसे पहले क्रिकेट की बात की। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा, ''इन दिनों चैंपियंस ट्रॉफी चल रही है और हर जगह क्रिकेट का माहौल है।'' हम सभी अच्छी तरह जानते हैं कि क्रिकेट में शतक का रोमांच क्या होता है। लेकिन आज मैं आपसे क्रिकेट के बारे में नहीं, बल्कि अंतरिक्ष में भारत द्वारा बनाए गए शानदार शतक के बारे में बात करने जा रहा हूं। पिछले महीने देश ने इसरो के 100वें रॉकेट का प्रक्षेपण देखा। ये सिर्फ एक संख्या नहीं है, ये अंतरिक्ष विज्ञान में हर दिन नई ऊंचाइयों को छूने के हमारे संकल्प को भी दर्शाता है।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा- हमारी अंतरिक्ष यात्रा बहुत ही साधारण तरीके से शुरू हुई। हर कदम पर चुनौतियां थीं, लेकिन हमारे वैज्ञानिक आगे बढ़ते रहे और विजयी होते रहे। समय के साथ, अंतरिक्ष उड़ान में हमारी सफलताओं की सूची बहुत लंबी हो गई है। चाहे वह प्रक्षेपण यान का निर्माण हो, चंद्रयान, मंगलयान, आदित्य एल-1 की सफलता हो या फिर एक ही रॉकेट से एक साथ 104 उपग्रहों को अंतरिक्ष में भेजने का अभूतपूर्व मिशन हो - इसरो की सफलताओं का दायरा बहुत व्यापक रहा है। पिछले 10 वर्षों में लगभग 460 उपग्रह प्रक्षेपित किये गये हैं और इनमें अन्य देशों के भी कई उपग्रह शामिल हैं।
आगामी दिनों में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाए जाने का उल्लेख करते हुए श्री मोदी ने कहा कि बच्चों और युवाओं की विज्ञान में रुचि बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने उन्हें वैज्ञानिक के रूप में अपना दिवस मनाने के लिए आमंत्रित किया। प्रधानमंत्री ने कहा, "आप अपनी सुविधानुसार कोई भी दिन चुन सकते हैं।" उस दिन किसी शोध प्रयोगशाला, तारामंडल या अंतरिक्ष केंद्र का दौरा अवश्य करें। ऐसा करने से विज्ञान के प्रति आपकी जिज्ञासा और बढ़ेगी।