ईरानी मिसाइलों से बचकर मुंबई पहुंचा तेल से लदा विमान 

ईरानी मिसाइलों से बचकर मुंबई पहुंचा तेल से लदा विमान 

मिडिल ईस्ट में युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार सऊदी अरब से कच्चा तेल लेकर एक जहाज मुंबई पोर्ट पर पहुंचा है।

यह घटना भारत के लिए एक बड़ी राहत की बात है, क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट में तनाव और हमलों ने दुनिया भर में तेल की सप्लाई रोक दी थी। लाइबेरिया के झंडे वाला स्वेजमैक्स टैंकर 'शेनलॉन्ग' बुधवार को 1,35,335 मीट्रिक टन सऊदी क्रूड ऑयल लेकर मुंबई पहुंचा। यह जहाज दो हफ़्ते से ज़्यादा चले संघर्ष के बाद होर्मुज स्ट्रेट से गुज़रकर भारत पहुंचने वाला पहला बड़ा क्रूड टैंकर है।

इसके आने से देश में तेल और LPG सिलेंडर की कमी दूर होने की उम्मीद है। यह जहाज 1 मार्च को लोडिंग के बाद रास तनुरा पोर्ट से निकला था और 8 मार्च को होर्मुज से होकर गुजरा था। इस दौरान, जहाज ने कुछ समय के लिए ट्रैकिंग सिस्टम बंद कर दिया था ताकि वह विवादित इलाके से सुरक्षित निकल सके।

मुंबई पहुंचने के बाद डिस्चार्ज शुरू हुआ

शेनलॉन्ग दोपहर 1 बजे मुंबई पोर्ट पहुंचा और शाम तक जवाहर द्वीप पर बर्थिंग पूरी हो गई। मुंबई पोर्ट अथॉरिटी के डिप्टी कंजर्वेटर प्रवीण सिंह ने बताया कि जहाज पर 1,35,335 मीट्रिक टन कच्चा तेल है, जिसकी डिस्चार्जिंग शुरू हो गई है। यह काम करीब 36 घंटे में पूरा हो जाएगा।

इस कच्चे तेल को मुंबई के माहुल इलाके की एक रिफाइनरी में भेजा जाएगा, जहां से इसे प्रोसेस करके पेट्रोल, डीजल और LPG जैसे प्रोडक्ट बनाए जाएंगे। देश में पहले से ही घरेलू LPG सिलेंडर की सीमित सप्लाई के कारण लोगों में चिंता थी, लेकिन इस जहाज के आने से स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है। एनर्जी सिक्योरिटी के लिहाज़ से यह जहाज़ भारत के लिए बहुत ज़रूरी है। यह जहाज़ कैप्टन सुखशांत सिंह संधू (एक भारतीय) की लीडरशिप में 29 क्रू मेंबर (भारतीय, पाकिस्तानी और फिलिपिनो) के साथ सक्सेसफुली पहुँचा। यह जहाज़ शेनलॉन्ग शिपिंग लिमिटेड का है और इसे एथेंस की डायनेकॉम टैंकर मैनेजमेंट कंपनी ऑपरेट करती है।

हालांकि, होर्मुज में खतरा अभी टला नहीं है। ईरान ने चीन से बाहर जाने वाले जहाजों पर बैन लगा दिया है और हमले जारी हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में और जहाजों के आने पर नज़र रखी जाएगी।