असंध में हुई राहुल गांधी की रैली, कांग्रेस का फायदा, बीजेपी का नुकसान ?क्या हरियाणा की ‘दुखती रग’ छेड़ गए राहुल गांधी ?
वीरवार दोपहर के समय राहुल गांधी करनाल के असंध पहुंचे। यहां राहुल गांधी की रैली की पूरी तैयारी थी। राहुल गांधी रैली में पहुंचे तो उनसे पहले असंध से कांग्रेस के उम्मीदवार शमशेर सिंह गोगी, कुमारी सैलजा, भूपेंद्र हुड्डा, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष उदयभान ने रैली में संबोधित किया। इसके बाद राहुल गांधी बोलने के लिए माइक पर आए। राहुल गांधी बोलने के लिए आए तो वो अपने साथ एक नयापन भी लाए। राहुल गांधी ने अपने बोलने की शुरुआत अमेरिका के अपने दौरे के बारे में बताने से की।
राहुल गांधी के शुरुआती भाषण के बारे में थोड़ा जान लेना जरूरी है तभी आप मुद्दे की गहराई को समझ पाएंगे। राहुल गांधी ने अपने भाषण की शुरुआत करते हुए कहा कि आजकल ग्लोबलाइज दुनिया है। सारे के सारे देश हवाई जहाज से जुड़े हुए हैं। कुछ दिन पहले मैं अमेरिका गया वहां मेरा टेक्सस में प्रोग्राम था।

किसी ने कहा कि टेक्सस में हरियाणा के युवाओं से मुझे मिलना चाहिए। आपने वो वीडियो देखा होगा। मैं आज आपसे उस वीडियो के बारे में बोलना चाहता हूं, उन्होंने कहा कि अगर आज आप हरियाणा को समझना चाहते हो, जो भी समझना है, वो उस वीडियो के अंदर है। आगे वो कहते हैं कि उन्हें बताया गया कि हरियाणा से हजारों लोग अमरीका गए हैं। मैं हैरान हो गया, मेरे दिमाग में सवाल उठा, इतने लोग क्यों जा रहे हैं। फिर मैं डेलेस में आपके भाइयों से एक छोटे से घर में जाकर मिला।
राहुल गांधी ने कहा कि आपके भाई डेलेस में एक कमरे में 15 से 20 लोग सोते हैं। मैंने उनसे पूछा कि आप अमरीका कैसे आए तो उन्होंने देशों की लिस्ट दे दी। उन्होंने बताया कि हम कई देशों से होकर पनामा के जंगलों से निकलकर अमेरिका गए। अमेरिका में हमें रोका गया, पकड़ा गया। अब हम यहीं हैं। राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने मुझे रास्ते की कहानी बताई। उन्होंने कहा कि राहुल जी, रास्ते में माफिया के लोगों ने एक बार नहीं, अनेक बार हम सबको लूटा, हम समुद्र में से निकले, जंगलों में से निकले, पहाड़ों में से निकले, हमारे भाइयों को जंगल में मरते हुए देखा है।

राहुल गांधी ने आगे बताया कि उन्होंने इन युवाओं से फिर सवाल किया कि भाई आपने ये जो सफर किया आप अमीर लोग तो नहीं हो। इस सफर के लिए आपने कितना पैसा दिया। उन्होंने बताया कि कम से कम 35 लाख रुपये अमेरिका में जाने के लिए लगते हैं। मैंने फिर सवाल पूछा कि आप 35 लाख रुपये कहां से लाए। इस पर आधे युवकों ने कहा कि मैंने अपना खेत बेचा है, और कुछ ने कहा कि 2 परसेंट पर ब्याज लिया है।
राहुल गांधी ने आगे कहा कि मैंने फिर एक सवाल पूछा कि आपने 35 लाख रुपये कर्जा लिया है आप इतने पैसों से हरियाणा में बिजनेस कर लो। वो हंसने लगे। उन्होंने कहा कि अगर हमने ये पैसे हरियाणा में लगा दिए होते तो हरियाणा में बिजनेस ठप हो जाता है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा में हमारे जैसे लोगों के लिए अब कुछ नहीं बचा है। अगर एक युवा गरीब है, तो ना तो उसे बैंक लोन मिल सकता है। ना उसे नौकरी मिल सकती है। ऐसे लोगों के लिए सारे दरवाजे बंद कर दिए गए हैं।
इस बातचीत के दौरान ही राहुल गांधी ने इन युवाओं से पूछा था कि क्या तुम अपने परिवार से मिल पाते हो तो युवाओं ने बताया कि वो दस साल तक अपने परिवार से अपने बच्चों से नहीं मिल पाएंगे। इन युवाओं ने राहुल गांधी से कहा था कि आप जब हिंदुस्तान वापस जाओ तो हमारे परिवार वालों से पांच मिनट के लिए मिल लीजिएगा। राहुल गांधी ने उनसे मुलाकात भी की। एक हफ्ते पहले वो करनाल के उस गांव में पहुंचे जहां से वो युवा आते थे। उनके परिजनों से बात की बच्चों से बात की, अमेरिका में रह रहे युवाओं से उनके घरवालों की वीडियो कॉल के जरिए बात करवाई।
और इसका बाकायदा वीडियो भी राहुल गांधी ने अपने यूट्यूब चैनल पर शेयर किया था।
आपको ये सब बताने का मकसद ये था कि आपको समझ में आए कि आखिर राहुल गांधी करना क्या चाह रहे हैं।

दरअसल पंजाब के बाद हरियाणा एक ऐसा राज्य बन गया है। जहां से बड़ी संख्या में युवा विदेश जा रहे हैं। और उनमें भी कैथल, करनाल, अंबाला जिलों से सबसे ज्यादा युवा दूसरे देशों का रुख कर रहे हैं। और जाने के लिए डौंकी वीजा का भी धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा है। दरअसल डौंकी वीजा में आपको सीधे अमरीका नहीं ले जाया जाता, बल्कि दूसरे कई देशों से होते हुए आप अमरीका पहुंचते हैं। लेकिन इस डौंकी वीजा के जरिए अमरीका पहुंचना बहुत ही कठिन है। आपको रास्ते में ना सिर्फ पनामा के जंगल लांघने पड़ते हैं बल्कि इस रूट पर सक्रिय माफिया से भी जान बचाकर निकलना होता है। ऐसे ही बचते-बचाते आप कई देशों से होकर अमरीका पहुंचते हो । बड़ी बात ये है कि पता होने के बावजूद भी किसी और पार्टी ने या फिर खास तौर पर बात करें कि बीजेपी ने इस मुद्दे को कभी नहीं उठाया और ना ही कभी इस मुद्दे पर बात की। क्योंकि इस मुद्दे पर बात करने से उनकी ही सरकार की कमजोरी सामने आती है। पिछले 10 साल से बीजेपी ही हरियाणा में सत्ता में है। ऐसे में अगर युवा डौंकी वीजा से विदेश जाने पर मजबूर हैं तो इसका साफ सा मतलब है कि हरियाणा सरकार उन्हें प्रदेश में रोजगार उपलब्ध नहीं करवा पा रही है। अब ऐसे में बीजेपी कैसे इस मुद्दे को उठाए।
लेकिन कांग्रेस ने या फिर यूं कहें कि राहुल गांधी ने इस मुद्दे को ना सिर्फ बड़ा मुद्दा समझा बल्कि इसे सही तरीके से उठाया। इस चुनावी दंगल में अपने विरोधियों पर डौंकी के जरिए ऐसा दांव लगाया जिसके लिए विरोधी तैयार ही नहीं थे।
पहले अमरीका में हरियाणा के युवाओं से मुलाकात की और फिर करनाल आकर उनके परिजनों को उनका हाल सुनाया। और फिर असंध की रैली में इसी मुद्दे से शुरुआत की। हालांकि कह सकते हैं कि ये भी राहुल गांधी की राजनीति का एक हिस्सा ही है, जिसे उन्होंने सिलसिलेवार तरीके से जमीन पर उतारा। लेकिन लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष होने के नाते और हरियाणा चुनाव की दृष्टि से इसे एक बेहतरीन दांव माना जाना चाहिए। क्योंकि ये मुद्दा सीधे जनता को दिल पर दस्तक देता है। सीधे उनके दिमाग पर हिट करता है। और यही राहुल गांधी ने किया।
इतना ही नहीं राहुल गांधी की रणनीति को भांपते हुए पीएम मोदी ने भी विदेश में रह रहे हरियाणवियों के बारे में अपनी गोहाना रैली में बात की, लेकिन बात बनती हुई नजर नहीं आई।

दरअसल एक दिन पहले यानी बुधवार के दिन गोहाना में पीएम मोदी की रैली थी। इस रैली में उन्होंने भी अपने अमरीका दौरे का जिक्र किया। और ये जिक्र तब हो रहा था जब एक हफ्ते पहले राहुल गांधी अपने अमरीका दौरे से वापस आने के बाद करनाल में युवा के परिवार से मिल रहे थे। पीएम मोदी ने कहा कि वो अमरीका गए हुए थे वहां उनकी मुलाकात हरियाणा से गए लोगों से हुई, उन्होंने अमरीका में भी हरियाणा जैसा ही माहौल बना रखा है। अपनी संस्कृति को संजो रखा है।
लेकिन पीएम मोदी डौंकी वीजा से जाने वाले हरियाणवियों के बारे में कुछ नहीं कह पाए। दरअसल उनके कहने से ऐसा एहसास होता है कि हरियाणा से जो अमरीका गए हैं वो बहुत खुश हैं। और बहुत अच्छी जिंदगी जी रहे हैं। जो सच भी होगा लेकिन डौंकी वीजा से अमरीका पहुंचे युवाओं की परेशानी भी सच्ची है, जिसे राहुल गांधी ने उठाया। और क्योंकि उन्होंने ये बात ऐसी जगह कही जहां से ज्यादातर युवा डौंकी वीजा के जरिए अमरीका जा रहे हैं। गांव के गांव खाली हो गए हैं। तो उनकी ये बात लोगों के जहन में सीधे पहुंचने के ज्यादा अवसर दिखते हैं।
वहीं राहुल गांधी विदेश पलायन की समस्या के समाधान के बारे में भी बात करते हैं। वो कहते हैं कि समस्या इसलिए है क्योंकि हरियाणा में रोजगार नहीं है। हरियाणा की सरकार ने यहां रोजगार का सिस्टम खत्म कर दिया।
लेकिन अगर प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनती है तो वो युवाओं को 2 लाख सरकारी नौकरी देने का काम करेंगे। रोजगार के नए अवसर प्रदान करेंगे। हालांकि ये चुनावी वादे सरकार बनने के बाद कितने पूरे होते हैं ये तो समय ही बताएगा लेकिन फिलहाल वो ये कह तो रहे हैं।

अब सवाल ये है कि आखिर राहुल गांधी के इस भाषण से लोगों में कोई फर्क पड़ेगा? क्या कांग्रेस के वोट बैंक में राहुल गांधी की ये बातें कोई इजाफा कर पाएंगी? तो इसका जवाब है कि राहुल गांधी के इस भाषण से कांग्रेस का फायदा ही फायदा है नुकसान कोई नहीं है। क्योंकि जो मुद्दा राहुल गांधी ने उठाया, जिस क्षेत्र में उठाया, वहां वो एक तरह से हर घर का मुद्दा है ऐसे में अगर राहुल गांधी की बात हरियाणवियों के दिमाग में आ जाती है तो फिर फायदा कांग्रेस का ही है।

दूसरा इस रैली से कांग्रेस का सीधा फायदा एक और हुआ कि कुमारी सैलजा जो अब तक नाराज बताई जा रही थीं। उन्हें और भूपेंद्र हुड्डा दोनों को एक मंच पर लाने में राहुल गांधी कामयाब हो गए हैं। दोनों बेशक दूर-दूर ही बैठे हों लेकिन एक मंच पर एक साथ मौजूद थे। ऐसे में जो बातें कुमारी सैलजा की नाराजगी की चल रही थीं अब शायद उन पर भी विराम लग जाए।
अब सवाल बीजेपी के नुकसान और फायदे का, तो बीजेपी का नुकसान सबसे पहले तो ये है कि जिस तरह से कांग्रेस ने या फिर कहें राहुल गांधी ने एक नया मुद्दा छेड़ा जिसके लिए बीजेपी तैयार नहीं थी। उससे जाहिर है अब बीजेपी में कहीं ना कहीं खलबली तो होगी ही कि अब इससे कैसे निपटा जाए, हम तो बापू-बेटा, बापू-बेटा खेल रहे थे ये अमरीका गया वहां से भी हरियाणा के लिए नया मुद्दा ले आया। साथ ही शायद पीएम मोदी के लिए भी अगली बार हरियाणा में होने वाली उनकी रैली के लिए किसी नए मुद्दे पर बात करने की चुनौती होगी।
वैसे आप क्या सोचते हैं कि राहुल गांधी बिना नाम लिए डौंकी वीजा का मुद्दा उठाकर क्या वाकई में हरियाणा की ‘दुखती रग’ छेड़ गए हैं? आप अपना जवाब कमेंट में लिख सकते हैं।