महाराष्ट्र और झारखंड में विधानसभा चुनावों का ऐलान, महाराष्ट्र में एक तो झारखंड में दो चरण में चुनाव, यहां देखें पूरा शेड्यूल

महाराष्ट्र और झारखंड में विधानसभा चुनावों का ऐलान, महाराष्ट्र में एक तो झारखंड में दो चरण में चुनाव, यहां देखें पूरा शेड्यूल

महाराष्ट्र और झारखंड में विधानसभा चुनावों का ऐलान हो चुका है। मुख्य चुनाव आयुक्त ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी घोषणा की। महाराष्ट्र में एक चरण में जबकि झारखंड में दो चरणों में मतदान होगा। महाराष्ट्र में 20 नवंबर को और झारखंड में पहले फेज में 13 नवंबर को और दूसरे चरण में 20 नवंबर को मतदान होगा। दोनों राज्यों में मतों की गणना 23 नवंबर को होगी। उपचुनाव के लिए भी मतों की गणना 23 नवंबर को ही होगी। इनमें 47 विधानसभा और एक लोकसभा सीट पर वोटिंग 13 नवंबर को होगी जबकि एक विधानसभा और एक लोकसभा सीट पर 20 नवंबर को मतदान होगा।

आपको बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल  26 नवंबर को जबकि झारखंड विधानसभा का कार्यकाल 5 जनवरी 2025 को खत्म हो रहा है।

झारखंड में उन मतदाताओं की बात करें जो पहली बार वोट करने जा रहे हैं तो राज्य में ऐसे 11 लाख 84 हजार वोटर्स हैं। जो झारखंड के 24 जिलों में बसते हैं और राज्य की 81 विधानसभा सीटों पर मतदान करेंगे। पूरे राज्य में 2 करोड़ 60 लाख वोटर्स हैं। इनमें से एक लाख 14 हजार वोटर्स 85 से ज्यादा उम्र के हैं।

झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 का पूरा शेड्यूल देखें

वहीं महाराष्ट्र की बात करें तो महाराष्ट्र राज्य में कुल 9 करोड़ 63 लाख करोड़ मतदाता हैं। इनमें 4 करोड़ 97 लाख पुरुष मतदाता हैं और 4 करोड़ 66 लाख करोड़ महिला मतदाता हैं। इनमें 20 से 29 साल के एक करोड़ 85 लाख मतदाता हैं। 20.93 लाख मतदाता पहली बार वोट डालेंगे।

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 का पूरा शेड्यूल देखें

अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ने ईवीएम पर उठ रहे सवालों का भी जवाब दिया और कहा कि लोग पूछते हैं कि किसी देश में पेजर से ब्लास्ट कर देते हैं, तो ईवीएम क्यों नहीं हैक हो सकती है। इस पर उन्होंने कहा कि पेजर कनेक्टेड होता है भाई, ईवीएम नहीं। 6 महीने पहले ईवीएम की चेकिंग शुरू होती है। पोलिंग पर ले जाना, वोटिंग के बाद वापस लाना। हर एक स्टेज पर पॉलिटिकल पार्टी के एजेंट या कैंडिडेट मौजूद रहते हैं। जिस दिन कमीशनिंग होती है, उस दिन बैटरी डाली जाती है।

उन्होंने बताया कि वोटिंग से 5-6 दिन पहले कमिशनिंग होती है। इस दिन सिंबल डाले जाते हैं। और बैटरी डाली जाती है। बैटरी पर भी एजेंट के हस्ताक्षर डाले जाते हैं। स्ट्रांग रूम में जाती है, यहां भी तीन लेवल की चेकिंग होती है। जिस दिन पोलिंग के लिए ईवीएम निकलेंगी तब भी यही प्रोसेस होगा। वीडियोग्राफी होगी। नंबर भी शेयर होंगे कि ये मशीन यहां बूथ पर जाएगी। फिर चेकिंग होगी, वोट डालकर देखे जाएंगे। उन्होंने कहा कि पूरे दिन मतदान हुआ फिर मशीन लॉक कर दी जाएगी और फिर हस्ताक्षर और हिसाब-किताब होता है। हरियाणा चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि 20 शिकायतें आई हैं और हम हर सवाल का फैक्चुअल जवाब देंगे और जल्दी देंगे।

आपको बता दें कि महाराष्ट्र में महायुति यानी शिवसेना, बीजेपी और एनसीपी अजित पवार गुट की सरकार है। यहां एंटी इनकम्बेंसी और 6 बड़ी पार्टियों के बीच होने वाली सियासी लड़ाई के दौरान बंटने वाले वोट बैंक को अपनी-अपनी ओर साधना इन पार्टियों के लिए काफी मुश्किल चुनौती होगी।

वहीं झारखंड की बात करें तो झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेतृत्व वाली सरकार है। इसमें कांग्रेस, राजद और वाम दल शामिल हैं।

बीजेपी को झारखंड में सरकार बनाने के लिए संथाल परगना और कोल्हान प्रमंडल की 32 सीटों पर फोकस करना होगा।